Shayari

शायरी

रिश्ते

कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी अधूरे रह जाते हैं,

और कुछ इंतज़ार उम्र भर साथ निभाते हैं।

रिश्ते

रिश्ते धागों से नहीं, नर्मी से बंधे रहते हैं,

ज़रा सी सख़्ती और सब बिखर जाता है।