a moonlit literary journal

Intezaar-e-Dastaan

हर एहसास की एक दास्तान, हर दास्तान में एक इंतज़ार।

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मौज़ू

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चुनिंदा मौज़ू

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ताज़ा शायरी

Latest Shayari

ताज़ा शायरी

Latest Shayari

रिश्ते

कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी अधूरे रह जाते हैं,

और कुछ इंतज़ार उम्र भर साथ निभाते हैं।

इंतज़ार

हम उस दरवाज़े को अब भी खुला रखते हैं,

जिससे जाने वाले ने मुड़कर भी नहीं देखा।

मोहब्बत

मोहब्बत नाम है उस ख़ामोश दुआ का,

जो होंठों तक आए बिना क़ुबूल हो जाए।

ख़ामोशी

जो कह न सके, वही सबसे गहरा था,

ख़ामोशी ने वो सब लिख दिया जो ज़ुबाँ से छूट गया।

दर्द

दर्द भी अजीब मेहमान है साहब,

जाते-जाते घर का पता याद कर जाता है।

उम्मीद

रात कितनी भी लम्बी हो, सहर आएगी,

तू बस दीया जलाए रखना, हवा थक जाएगी।

आज की तहरीर

Today's Featured Writing

आज की ख़ास तहरीर

कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी अधूरे रह जाते हैं,

और कुछ इंतज़ार उम्र भर साथ निभाते हैं।

आज का कोट

Quote of the Day

आज का कोट

Quote of the Day

बस याद इतनी सी रह गई... कभी कोई अपना सा लगता था।